अनुवाद : पारस अरोड़ा
म्हनै इणरै पछै
किणी दूजै जीवण री आस नीं है।
जे औ जीवण भूंडौ है
तौ म्हैं इणमें जिका-जिका दुख भोग्या हूं
उणनै देख देवता राजी'ज हुवैला।
जे औ जीवण चोखौ है
तौ उणनै दोवड़ावण सूं
इणरौ सुख खतम नीं हुय जावैला।