चन्द्रू वकील, जिको बरत ढ़ील

मेरै स्यूं बोल्यो—

मेरी लुगाई रै बच्चो होवण आळो है,

बींरै होवण री टेम होगी

फेर भी बो इत्ती देर कियां लगावै है?

म्हैं बोल्यो—थे बीं नै और कींरौ टाबर समझ राख्यो है के?

बो तो थारो ही टाबर है।

जद’ई तो बो लिये-दिये बिना कोनी आवै।

अर आगू-आग डेट सरकावै।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : हरि शेखर शर्मा ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राजस्थान) ,
  • संस्करण : अंक-17
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