सुतो जोऊं
जगतो जोऊं
कब तक जोऊं बाट
सुभागण अब तो आ!
बैठ किनारे रहूं देखतो
थारा सारा ठाठ
सुभागण अब तो आ!
गोल्यां थारी
ऊबट सारी
छोटा पग
लम्बी पथवारी
कुछ तो गेलो काट
सुभागण अब तो आ!
जीवण हाळी
नदी निराळी
पाणी लीलो
लहरां काळी
सूनो सट् सूनो छै पाट
सुभागण अब तो आ!