भींच्या दांत घूंघटा क भीतर

पकड़ कुडसल्यो छोरो झंझोद्यो

छोरी आंख्यांई आंख्यां मं छमकाई

छानी बळजे नं तो याद राखजे

कहदी कणा-कांई धणी सूं धज ई धज मं

ऊंघणनींद्या डोकरा की डाढी प बहती लाळ देख

मूंडो मसकोड्यो

ऊभी छी गाडी घणी देर सूं

अस्या अमूजा मं इंजन सिट्टी दे’र सरकतो ऊं सूं पैली।

स्रोत
  • पोथी : आंथ्योई नहीं दिन हाल ,
  • सिरजक : अम्बिकादत्त ,
  • प्रकाशक : बोधि प्रकाशन ,
  • संस्करण : प्रथम संस्करण
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