गंडकड़ो भी
जाणै छ, पछाणे छ
कुण घर को छ अर
कुण बारै को छ?
कुण चोर छ अर
कुण साहुकार?
गंडकड़ो
कभी भी
कायर ज्यूं
पाछै सूं न्ह काटेगो
आज को मनख बण
गंडकड़ो तो
मरद का बच्चा ज्यूं
आगे आ, गुर्रारै
दौड़ छ काटणो हो तो।
गंडकड़ो
न्ह करै मौका की तलास
अर न ही पाछै सूं हमलो
गंडकड़ो भी सिद्धान्तवादी छ
वसूलां को पक्को।
आज का मनख
थोड़ी तो सीख लो।