कदी होवै छै बात बडी

और कदी कहबा को ढंग

मान कम कोई’न रंगरेज को बी

लत्तां की धज मं।

स्रोत
  • पोथी : आंथ्योई नहीं दिन हाल ,
  • सिरजक : अम्बिकादत्त ,
  • प्रकाशक : बोधि प्रकाशन ,
  • संस्करण : प्रथम संस्करण
जुड़्योड़ा विसै