सांची पूछौ तो—
बेटी, बाप रै मन
सवायै गिरबै री बात है
कोयल री जात है।
चौईस केरैट
सोनै री भांत है।
बेटी, बाप रै मन
जमारौ सुधारण रौ जरियौ है
धीजै रौ दरियौ है
बेटी, बाप रै मन
हरख री कोर है
आभै रौ छोर है
उण सूं राजी
माईतां रौ पौर-पौर है
बाप री जूण
अमावस है
तो बेटी थ्यावस है
बाप री जूण मरूथळ है
बेटी धोबौ भरियौ जळ है
बाप रौ बळ है।
सांची पूछौ तौ—
बेटी सत रो
सनातन कस है
बाप री
दुखती थकी नस है
बेटी, बाप नै
सनेव री थाप
देवण वाळी जोधार है
बेटी री फतै में
बाप री जूण रौ सार है।
बेटी, बापाजूण रै
सून्याड़ नै
भरण वाळौ गीत है
डरूं-फरूं जमारै में
बाप रै भरोसै री भींत है।