जब सूँ सगाई होयी’अ सुरेखा की

छोरी का पग जमीन पै को पड़ै

छोरो छोटौ थाणादार बतायौ

छोरी का डोकरा-डोकरी बी

भारा राजीअ, न्यूँ खैवै–

छोरो बडौ थाणादार हो ज्याअगौ

थोड़ा दिनन मं

खैवै तौ इस्याँअ जाणैं

पोस्टिंग बेइ देअ्गा

सुरेखा की भाएलीअ् रेखा

बासूँ खैवैअ मन की सारी बातन कू

फोन पै कांई-कांई बात होयी

सब बतावै बाकू

क्आल खैरीइ—

मैनैं तो न्यूँई खइ वा बावळा सूँ

चीलगाडी मं बैठाअगौ नं मोकू

दावासीकी बानैं तो खट्ट’ई हामण भरली

खैती-खैती सुरेखा नं

भाएली कू बाथन मं भर ली

रेखा बोली—

‘डट जा छोरी डट जा

थारीइ सगाई को होयी नवादा'

रेखा नं इस्यां खइ तौ

सुरखा नं मसक’ही गाली छोरी कू

इस्यौ हिसकअ सुरेखा सगाई कौ

अगाड़ी देखौ काँई होय।

स्रोत
  • पोथी : पेड़ पौन सूं हालै ,
  • सिरजक : प्रभात ,
  • प्रकाशक : राजकमल प्रकाशन प्रा. लि. नई दिल्ली ,
  • संस्करण : पैलो
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