पति थे,

जगत-पति

सासत सरनाम

म्हूं तो थांनै

कीं मोड़ा ओळख्या।

जाणी जद सूं

थारो ‘शिव’ रूप

पारवती हूयगी

आपूं-आप ई।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : सन्तोष मायामोहन ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशक पिलानी (राज.) ,
  • संस्करण : 26
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