म्हानै प्यारी लागै जी
म्हारै मुरधर रै धोरां री धरती प्यारी लागै जी।
ऊंचा धोरा ऊफणै, निरमळ चमकै रेत।
डैर्यां में डक-डक हंसै बाजरियां रा खेत।
म्हानै प्यारी लागै जी
म्हारै मुरधर रै धोरां री धरती प्यारी लागै जी।
मूळ मतीरा मोकळा, रूप कसूबल रंग।
मेवै ज्यूं मीठा लगै, काकड़िया रै संग।
म्हानै प्यारी लागै जी
म्हारै मुरधर रै धोरां री धरती प्यारी लागै जी।
मोठैड़ी मूंगैड़ी चांवली, काचरिया रो साग।
भातो ले भतवार्या चाली, गावै मधुरी राग।
म्हानै प्यारी लागै जी
म्हारै मुरधर रै धोरां री धरती प्यारी लागै जी।
सुघड़ बणाया सोगरा, घर गायां रो घीव।
चटकै चूर्यो चूरमो, बैठ जिमावै पीव।
म्हानै प्यारी लागै जी
म्हारै मुरधर रै धोरां री धरती प्यारी लागै जी।
राब दही में लाड सूं, चूर सोगरा च्यार।
सपक सबोड़ै सायबो, नार करै मनवार।
म्हानै प्यारी लागै जी
म्हारै मुरधर रै धोरां री धरती प्यारी लागै जी।
काम करै जद खेत में, जाणै कोई भतूळ।
पालो बाढै प्रेम सूं, मूळ गिणै नहीं चूळ।
म्हानै प्यारी लागै जी
म्हारै मुरधर रै धोरां री धरती प्यारी लागै जी।
अन्नदाता अै पूतड़ा, आंरो ही परताप।
सकल जीव सोरा सुखी, धान अरोगै धाप।
म्हानै प्यारी लागै जी
म्हारै मुरधर रै धोरां री धरती प्यारी लागै जी।
सुख सूं रैवै सांसता, दुख रो नहीं लव लेस।
हित चित सूं करसण करै, परसण रहत हमेश।
म्हानै प्यारी लागै जी
म्हारै मुरधर रै धोरां री धरती प्यारी लागै जी।
सीधा भोळै भाव रा, करसा और मजूर।
झूमर सब सुख आं तणो, भोग रह्या भरपूर।
म्हानै प्यारी लागै जी
म्हारै मुरधर रै धोरां री धरती प्यारी लागै जी।