राजस्थान पर कवितावां

कविता13

इण धरती रै ऊजळ आंगण

महेंद्रसिंह छायण

आंधी

श्याम महर्षि

ओ रूपाळो हिन्दुस्तान है

हिम्मत सिंह उज्जवल

फ़ोग

भगवती पुरोहित

वाह भई शेखावाटी

मुरली बासोतिया

हे मरुथळ री मनमोवणी मूरत!

महेंद्रसिंह छायण

काळ

भगवती पुरोहित

इणसूं किणरी हुवै नीं होड

अस्त अली खां मलकांण

म्हे गीतां का बिणजारा

बनवारीलाल मिश्र ‘सुमन’

तपता सूरज नै कहिज्यौ रै

कल्याणसिंह राजावत

आपणी संस्कृति

रमेश मयंक

मतीरो

भगवती पुरोहित