मिनखां रा
सळ काढ़ण आळी उस्तरी
जकी
तप्यां पछै
बाळ देवै
इणी खातर
भला मिनख
इण री तपत देख’र
पईसां रो छांटो देय’र
दूर स्यूं ई
टाळ देवै।
स्रोत
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पोथी : बिणजारो
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सिरजक : ओम पुरोहित ‘कागद’
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संपादक : नागराज शर्मा
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प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राजस्थान)
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- संस्करण : अंक-14