पांडुलिपि त्यार करतां-करतां

कंवारो रैइ ग्यो

कांई ठा कद प्रेस मांय जावैली

जावैली भी कै नां जावैली

कद कम्पोज होसी एक-एक आखर

मसीन पर कद चढसी मेटर

कद फर्‌मा छपसी

कवर चिपकसी

पोथी कद म्हारै हाथ आवैली?

कांई म्हारो नाम हुसी वण माथै

कुण करसी वींरो लोकार्‌पण

आखो समै यूं बीतग्यो

पांडुलिपि त्यार करतां-करतां

कंवारो रैई ग्यो।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : महेन्द्र भानावत ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी ,
  • संस्करण : अंक-44
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