मैं देख्या करतो,

म्हारै घर में

बडेरां रो लगायोड़ो नीम,

म्हारै घर री बाखळ मांय

म्हारै घर री छात माथै करतो छीयां।

मैं तोड़्या करतो

उण री दांतण,

निमझर

अर निंबौळ्यां।

बाखळ मांय ऊभै नीम रै डाळै माथै

घाल्या करता हिंडोळा,

मचकांवता ऊभल्यां

अर हुवता राजी।

पण अबै

म्हे च्यारूं भाई

बांट लीन्हो घर नै

नीम नै

अर बाखळ नै।

बेमौत दम तोड़ नाख्यो नीम

अर म्हारै घर री थोथी हुयगी

नींव।

घर रै च्यारूंमेर

मंडग्या आसरा,

अर च्यारूंमेर

मंडगी नाळ्यां,

जिणां मांय बगतै

गंदे पाणी में

मंडरावण लाग्या माछर

जिका मौत रै मूंडै मांय

पूगाय रैया मिनखां नै

मिनख नीं जाणै,

बेमौत मरण रो मतलब।

है—

उण पुरखां रै लगायोड़ै

नीम नै काटण रो फळ।

मैं देख्या करतो,

म्हारै घर री बाखळ मांय

लगायोड़ो बडेरां रो नीम।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : कृष्णलाल बिश्नोई ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राजस्थान) ,
  • संस्करण : अंक–18
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