बज्यार
जरा सी’क ठौर मं मनमानसारो स्यांगणो
कूंपळ को मेळो
जीं नपती को मिलै छै
बा’ळ, पाणी अर तावड़ो।
बज्यार
खास मकसद बेई
उपाड़’र
रोप द्यो जावै छै
दूजी ठाम
अठी-उठी, कठी बी।
जस्यां पड़ौसी रोप र्यो छै आतंकवाद
हथियारां अर बम को बज्यार कस्मीर, इराक, ईरान
अर असम मं
धोळा मनख्यां का अश्यारां पै।