जाऊँ अेक गाडी कास लियाऊँ

मोरैल का दगड़ान मं सूँ

अतेक गजब कौ माथौ मांडूँगौ थारौ

कणिया केस रळकबा करै

एक गाडी कोल्ला भेळा कर ल्याऊँ

माड़ का घरन का चूलान मं सूँ

आँख बणाऊंगौ थारी काळी कट्ट

पाणी भरूँगौ बिनमं बंध मोरासर कौ

भौत दिननं सूँ म्हारी निंगा तळै’अ

डूँगरी धौळादाँता की

लम्बी नाक बणाऊँगौ बाईसूँ थारी

दाँत मांडबा खड़ी ल्याऊँगौ कड़खा की

हाँसी मांडूँगौ थारी आरैड़ का खेतन सरकी

पेट मांडूँगौ हज्जारौं-हज्जारौं बीगान मं होर

आडा माड़ की धरती का पेट्या सूँ

लाका बैराण्डा की कैरीन की

सुकन्धाई बास भरूँगौ थारा डील मं

सांसन कू करद्‌यूँदौ अळसी धुंआ सरसूं का

खेतन की भाळ’न सरकी

हियौ बणाऊंगौ म्हाबीर का मेळा सरकौ

कणियाँ माँडूँगौ गंभीर नंदी सरकी पतळी पतंग

मांडतौ-मांडतौ सैबक आऊँगौ म्हासूँ

पाँव मांडूँगो ठुकराणी का बाग का

खजूरन सरका लम्बा तळाक

ये सब खैबान की बात’अ

काँई को मंडै मोपै

जे-जे चीज गिणाईअ मैंनैं

सब जाणैं खाँ की खाँ गई

अेक-अेक चीज जिनसूँ मांडतौ तोकू

सब मोसूँ बैंडगी

काँई ठीक काँई आँटौ पळ्यौ

मैं तोसूँ दूर होगौ

तू होगी दूर की।

स्रोत
  • पोथी : पेड़ पौन सूं हालै ,
  • सिरजक : प्रभात ,
  • प्रकाशक : राजकमल प्रकाशन प्रा. लि. नई दिल्ली ,
  • संस्करण : पैलो
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