लुगाई—खाडी अर खाई

जीवणै अर मरणै री

ओळखीजती अबखाई

समझौ तो गळफांस

नीतर गळै री टाई!

स्रोत
  • पोथी : माणक (पारिवारिक राजस्थानी मासिक) ,
  • सिरजक : मीठेश निर्मोही ,
  • संपादक : पदम मेहता ,
  • प्रकाशक : माणक प्रकासण ,
  • संस्करण : मार्च 1987
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