क्यां को तोरो बड़र्यो है
थारै में
क्यूं भी कहद्यो थांनै
पारो सांतवै आसमान पर ही
चढेड़ो पासी।
क्यूं भी बतावो
क्यूं भी दिखाओ
बस झाळ-झुंझळ करता रह्वै
अब मैं थांनै
कैंयां समझाऊं
मैं तो कोई थारै ही फायदा की
थारै ही काम की चीज ल्यायी थी
मेरो के लेवै है
पाछी मूंड मार देस्यूं
पछै तो थारै
थ्यावस आ ज्यासी ना
जयां थारी मरजी।