काम करो रे भाई, काम करो

सगळा साथै काम करो

सुबै-साम थे काम करो

दिन अर रातै काम करो

खरचो खरो पसीणो रे

जद सीखोला जीणो रे

खोटा-खोटा काम करनै

जीणो मत बेकाम करो

काम करो रे भाई, काम करो

कांधा पै धरल्यो गैंती

रेती में करल्यो खेती

मींणत री गंगा में चालो

चाल’र अब असनान करो

काम करो रे भाई काम करो

मींणत-नांव जवानी है

मां री मांग पुराणी है

बणो मती सावण रा आंधा

अब आराम हराम करो

काम करो रे भई काम करो

मींणत सूं मुस्कान मिलै

अर दुखड़ां री साम ढळै

मीणत रै मारगियै चालो

मींणत-धरां मुकाम करो

काम करो रे भाई काम करो।

काम करो नै सुख भोगो

मुसकल सूं पायो मोको

कींका माथै नाम करो

काम करो रे भाई काम करो।

स्रोत
  • पोथी : ओळमों ,
  • सिरजक : मोहनलाल सोनी ,
  • संपादक : किशोर कल्पनाकांत ,
  • प्रकाशक : कल्पना लोक प्रकाशन रतनगढ़ (राज.) ,
  • संस्करण : नवम्बर
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