अनुवाद : रमाकान्त शर्मा
कैड़ी अजब दुनिया है—
कै उठै ब्राजील में
माछळियाँ पीवै है कॉफी
अठै टाबर तरसै है
दूध नै।
मांनखै नै खवाड़ै है
वै सबद
अर
सूवरां नै ठावका आलू।