हड़ताल

म्हारो मन

सूनो-सूनो है

ज्यूं बाजार में

पड़गी है पड़ताल।

म्हारो दरद

सट्टै रै भाव दांई

दुगणो-चौगणो

बढ़तो जावो।

थूं नीं जाणै

कठै गमगी

म्हैं थनै

सोधतो बावळौ होग्यो।

करतार अैड़ो

दियो साथ कै

जींवतो-जागतो भी

मरियो जैड़ो होग्यो।

म्हारो तनड़ो

जोवै सांसां

जिकी है थारै कनै

पड़ी अडांणी।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : मदनमोहन परिहार ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राजस्थान) ,
  • संस्करण : अंक-33
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