जिणारै घर कोनी होवै
उणारै होवै है
पाटिया री खोलियां
झुग्गी-झूंपड़ियां
इणा में कोनी होवै
घणकरा कमरा
बैठकां, सोवण रा कमरा
रसोई अर स्नानघर।
धरती रा डील पर
उपस आयै है ई तो
गूमड़ा री नांई
गटर गंदा नाळा
अर रांधाता समन्दर कनै।
कीड़ा मकोड़ा री नांई
इणा में पळै है जीवन
अर फळै-फूलै है
बदनाम अर
अवैध कारोबार।
अठै डील तो घणा होवै
पण कोनी होवै
उणा री हिफाज़त
मिनख तो घणा होवै
पण कोनी होवै
उणा रा अधिकार
वोट देवणै
अर राशन री लैण में
लागणै रै सिवा।
जिणा रै घर कोनी होवै
उणा रै होवै है फुटपाथ
आभै री छत
अर धरती री बिछावण।
जिणारै घर कोनी होवै
उणा रै वास्तै
सुपनो होवै है घर
जद ओ सुपनो
सच हुई जावै
बण जावै है घर
तद बारां, कोठियां, म्हैलां
रा सुपना मिळ’र
ढहावण लागै है घर।