नेतावां स्यूं भर्‌या देश में घोटाळां री कमी नहीं

हाथ जोड़ जनता कै पाछै

धोळा कपड़ा पैहन फरै

और जीत री बाजी खातिर

कतरा को ही मर्डर करै

जीत्यां पाछै मनमानी

अर बदमासी की कमी नहीं

नेतावां स्यूं भर्‌या देश में घोटाळां री कमी नहीं।

बण कर बैठ गया कुरसी पर

जाणै बैकुण्ठ धाम मिल्यो।

मन मानी अब खूब करै है,

जाणै कुणसौ ठांव मिल्यो।

जनता नै यूं चूंट-चूंट कर खांवां में कोई कमी नहीं नेतावां स्यूं॥

बड़ा-बड़ा घोटाळा होग्या

ज्यामें आवै नाम घणो

फेर भी मूंछ्यां कै देवै है

देखो भाया ताव घणो

अर सैनिकां री तोपां गायब होवां में भी कमी नहीं।

नेतावां स्यूं भर्‌या देश में घोटाळां री कमी नहीं।

नाटक खूब जमावै यै तो

दूजां रो भी लेवै नाम

तारीख बढ़ती जावै यांकी

निकळ रियो है यांको काम

झूठ बोलबा री तो या में थोड़ी सी भी सरम नहीं

नेतावां स्यूं भर्‌या देश में घोटाळां री कमी नहीं।

ढाण्डां रा चारा नै चरग्या

खदै यूरिया नै खावै

सेना री ये बड़ी-बड़ी

तोपां नै यूं ही चबा जावै।

आज तेल नै पीबा में भी छोड़ी कोई कमी नहीं

नेतावां स्यूं भर्‌या देश में घोटाळां री कमी नहीं।

वीर सपूतां रा भारत में

घणा स्वार्थी होग्या रे

लोकतंत्र नै लेर धोवणो

जोर-जोर स्यूं धोग्या रे

बिना बहुमत शपथ ले रिया तल भर की भी सरम नहीं

नेतावां स्यूं भर्‌या देश में घोटाळां री कमी नहीं।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : परमेश्वर प्रसाद कुमावत ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राजस्थान) ,
  • संस्करण : अंक-29
जुड़्योड़ा विसै