भलांई सुणो शास्त्रीय संगीत
या करो योग
वा आत्मा ई अब चीजां मांय
नई रैयी
जिकी धड़क्या करती
सुद्धता मांय
अनै बणा सकती
जिन्दगाणी नै जीवण लायक।