भलांई सुणो शास्त्रीय संगीत

या करो योग

वा आत्मा अब चीजां मांय

नई रैयी

जिकी धड़क्या करती

सुद्धता मांय

अनै बणा सकती

जिन्दगाणी नै जीवण लायक।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : हेमन्त शेष ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशक पिलानी (राज.) ,
  • संस्करण : 23
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