कोटा जैपर का…

कोटा जैपर का गैला मं

बसै छै म्हांको गांव

मलै छै ठंडी छांव

अस्यौ छै म्हांको गांव

‘हिण्डौली’ रे।

रामसागर झील रूपाळी

गढ़ किलो छै म्हायां

बाबोसा को नांव पड़ै छै

रैवै हरदम छायां

बड़ा महादेव को चालै तगडो नांव

हौवे छै बड़ा काम

अस्यौ छै म्हांको गांव

‘हिण्डौली’ रे

तरबैणी की छटा नराळी

लागै छै मतवाळी

दूर-दूर सूं आवै जातरी

ठाकुर करै रूखाळी

आबा हाळा तो

आबा हाळा तो

राखै छै घणो भाव

अस्यौ छै म्हांको गांव

‘हिण्डौली’ रे।

काळ भैरूं बाबा की महिमा

फेली च्यारूं मेर

आवै जो तो जावै जातरी चोखो होर फेर

भूत प्रेत य्हां भटकै

य्हां न्हं चालै दांव

गाजा बाजा की

ढोल नगाड़ा की

उडै छै रे फटकार

लूला लंगडा बी हो जावै छै त्यार

अस्यौ छै म्हांको गांव

‘हिण्डौली’ रे।

स्रोत
  • पोथी : कवि रै हाथां चुणियोड़ी
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