श्रीमान,

भोत बांस आवै है थारे मोजां मांय

कमरै मांय फकत एक खिड़‌की है

अर म्हनैं

म्हारै पांखां नई हूवण रो अफसोस

खायां जा रैयो है।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : हेमन्त शेष ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशक पिलानी (राज.) ,
  • संस्करण : 23
जुड़्योड़ा विसै