सरकार!
आया हो थे
सरे आम
कत्लेआम रै बाद
ईजत-आबरू लूंटण रै बाद
बांध टूट’र
पाणी में डूबण रै बाद
लागै–
थारी तो देख-रेख है
म्हारी जो रेख है
बा तो
अब भी राम भरोसै है!