औ तौ जीणौ जीणौ कोनी
तिरस मिटै नीं पीणौ कोनी
लार उघड़ता जावै टांका
सावळ औ तो सीणौ कोनी
लूखा रोट करै बाथेड़ौ
धाया घर में धीणौ कोनी
कीकर छणै प्रेम रौ पांणी
जीवण गाभौ झीणौ कोनी
खाली काती मांय भखारी
साग खरीदण कीणौ कोनी
भूख हाडका भांगै भूंडा
पाळौ पंथ चवीणौ कोनी
परवापरवी मन कारण मिनखां
निजरां सुमट मपीणौ कोनी
कीकर नीर सजैला मटकी
तळै दाटियौ तीणौ कोनी
भाई छीजै सुख भाई रै
हिवड़ै हेत हमीणौ कोनी
मन रा दूजा मालिक बणगा
तन रौ बाजै बीणौ कोनी