नीठा नीठ जमी ढाणी छै

तूं उडाण क्यूं अगवाणी छै

ऊभा किंयां अडांण अड़ंगै

ऊपर सरकी तांणी छै

नीवां काठी कमजोरी

भींतां रेत भराणी छै

खूंटै बिन कूदै बाछड़िया

हिलै डुलै हळवाणी छै

अखै अमावस आखा तीज

सुगन नहीं गळवाणी छै

म्हनै फेरणी पड़ै हरदम

घर गिरस्थी री घाणी छै

देखौ परजातंतर दौर

इब सब राजा राणी छै

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : लक्ष्मणदान कविया ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी ,
  • संस्करण : अंक-44
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