घर पर ग़ज़ल

महज़ चहारदीवारी को ही

घर नहीं कहते हैं। दरअस्ल, घर एक ‘इमोशन’ (भाव) है। यहाँ प्रस्तुत है—इस जज़्बे से जुड़ी हिंदी कविताओं का सबसे बड़ा चयन।

ग़ज़ल6

नीठा नीठ जमी ढाणी छै

लक्ष्मणदान कविया

डीकरी

नरपत आशिया "वैतालिक"