प्रीत खुसी री खाण बिरादर

कुण इणसूं अणजाण बिरादर

देख तनैं म्हारो हियो हुळसै

तूं ही म्हारो प्राण बिरादर

मीठो-मीठो सीख बोलणो

क्यूं छोडै विसबाण बिरादर

प्रीत तळै पाखंड पाळ मत

सवारथ ले लै सान बिरादर

अेक प्रीत री डोरी बंधिया

सूरज चांद जहान बिरादर

संसार प्रेम री गंगा

हंस-हंस करो सिनान बिरादर

सगळी विद्या अेकै पासी

सै सूं प्रीत महान बिरादर

अंतस मांय प्रीत रो वासौ

कहग्या संत सुजान बिरादर

वस में होता देख्या बैरी

सबळ प्रीत रै पांण बिरादर

प्रेम निजर सूं परगट होवै

भाटै में भगवान बिरादर

प्रीत सटै विस पियो देवहित

‘शंकर’ हुया महान बिरादर

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : शंकरलाल स्वामी ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राजस्थान) ,
  • संस्करण : अंक-34
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