बोल थारो कांई हाल छै
पोटली में कतनो माल छै
चोरी-छानै लूट ल्ये छै तू
या ई बात को मलाल छै
जग नै तूं न्हं लेबा देगो जक
जाणा थारी मोटी खाल छै
मूछ्यां कांई तान र्यो छै तू
थारै सामीं थारो काळ छै
तू छै उब्यो नाड़की नवार
जाणू थारी या बी चाल छै
ध्यान राख ज्यै ‘पंकज’ आपणो
अब के थारो कोरो साल छै