कोई गजरा लेल्यो, ल्याई है मालण बीकानेर री
मालण बीकानेर री, सुहागण बीकानेर री।
बारै-बारै बाळू-बाळू, मांय-मांय नै बाग है
बाग-बाग में हर्या हर्या बिड़ला, धन्न म्हारा भाग है।
फूल-फूल भंवरा भिणकै, डाळ्यां-डाळ्यां कोयल टेर री।
कोई गजरा लेल्यो, ल्याई है मालण बीकानेर री
मालण बीकानेर री, सुहागण बीकानेर री।
धवलपुरी रो पक्को धागो, सूई जैसलमेर री
झीणी-बीणी रंग-रंगीली, डलिया है अजमेर री
कळियां डूंगरपुर बूंदी री, अलवर री आमेर री
कोई गजरा लेल्यो, ल्याई है मालण बीकानेर री
मालण बीकानेर री, सुहागण बीकानेर री।
ओढ़णो आधो आभो ढकल्यै, अैड़ो है चित्तोड़ रो
घाघरो आधी धरती ढकल्यै, है मेवाड़ी घेर रो
चोटी है नागौर नगर री, चोळी रणथम्भोर री।
कोई गजरा लेल्यो, ल्याई है मालण बीकानेर री
मालण बीकानेर री, सुहागण बीकानेर री।
अैड़ो लाम्बो गजरो, धण माणीगर पैरो साथै रे
अैड़ो नैन्हो गजरो, कंगण बांधो दोन्यूं हाथ रे
पळ-पळ में कळियां कुम्हळाई, बात किसी अब देर री।
कोई गजरा लेल्यो, ल्याई है मालण बीकानेर री
मालण बीकानेर री, सुहागण बीकानेर री।
अेक टको तागै रो लागै, पांच टकां रो फूल है
म्हारो मोल बूझणो भोळा, थारी जाबक भूल है
लाख टकां री बोली म्हारी, दुनिया है अंधेर री।
कोई गजरा लेल्यो, ल्याई है मालण बीकानेर री
मालण बीकानेर री, सुहागण बीकानेर री।