आँसू पर हाइकू

मानवीय मनोभाव के एक

प्रकट चिह्न के रूप में आँसू हमेशा से काव्य के विषय-वस्तु रहे हैं और वृहत रूप से इनके बहाने से कवियों ने विविध दृश्य और संवाद रचे हैं।

हाइकू1

च्यार हाइकू

रतनसिंह ‘रत्नेश’