संघर्ष पर बंतळ
अलेखूं फिल्मां रा निरत-निरदेसक अर नरतक प्रवीण कुमार मूल रूप सूं राजस्थान रै कांकरोली रा रैवासी। भट्यै-भट्यै, गठीलै अर स्वस्थ सरीर रा मालिक प्रवीण कुमार केई फिलमां में सह-अभिनेता रै रूप में काम कर्यों। हाल ई आप कसनै मैणत करै। आप में अहम अर बणावटीपणो
राणी लक्ष्मीकुमारी चूंडावत राजस्थानी साहित्य रौ ठावकौ अर ख्यात नांव। सन् 1916 में देवगढ़ (उदयपुर) में जनम्या राणीजी साहित्य अर राजनीत दोनूं ठौड़ां राजस्थानी नारी चेतना अर ओळख रै महताऊ पखां माथै समाज नैं चेतावता थकां जोरदार दखल दीवी। फ्रांसिस टैफ्ट रै
म्हारौ जलम 15 अप्रैल रै दिन जयपुर शहर में हुयौ। वठै री सरजमीं रै माथै ई म्हैं होस संभाळ्यौ। बठै गोडाळियां चालणौ सीख्यौ, अर बठै ई मां-पा-बा इत्याद सबद कैवणौ सीख्यौ। बठै ई पढ-लिख’र परवांन चढ्यौ। रथखांनै रै नजदीक हवाम्हैल रै सामनै री स्कूल में अंग्रेजी
राजस्थांन रा राजनेता राजस्थांनी भासा सारू गहराई कदैई विचार नीं करियौ प्रहलाद जोसी : राजस्थान अेक पिछड़ियोड़ौ प्रांत गिणीजै, इणरै सरवांगीण विकास सारू आपनै किसा-किसा कांम महताऊ लागै? भैरौसिंघजी सेखावत : आ बात सही है के राजस्थान अेक पिछड़्योड़ौ