स्वार्थ पर सोरठा

सोरठा4

निज दुख देखे नांह

साह मोहनराज

होणहार रो हाल

साह मोहनराज

अंतै जहर उगळैह

कानसिंह भाटी

बिरला होवे बीर

साह मोहनराज