मेवाड़ पर लेख
दीवाळी रौ तिंवार घणा जूना-जूना तिंवारां में सूं अेक है। कोई कैवै रामचंदरजी लंका जीत’र अजोध्या पधार्या जद परजा दीवा जोय-जोय वां रा बधावणा कर्या, कोई कैवै लिछमीजी री आराधना आज रै दिन कर्यां लिछमीजी अन-धन सूं घर पूर दैवै। आपणै पुराणां में कह्योड़ी महारात्रियां