इतिहास पर लेख
घटनावां रौ कालक्रम जिकौ
बीत चुक्यौ है, समाज नै चालण में वा ठावकी भुमिका निभावै अर लगोलग चैतावै, आपां उणनै इतिहास केवां। अठै प्रस्तुत चयन इतिहास सूं जुड़ियोड़ी कवितावां रौ है।
बीत चुक्यौ है, समाज नै चालण में वा ठावकी भुमिका निभावै अर लगोलग चैतावै, आपां उणनै इतिहास केवां। अठै प्रस्तुत चयन इतिहास सूं जुड़ियोड़ी कवितावां रौ है।
संसार री भासावां बोलियां रो सर्वेक्षण करणिया भासाविदां रो मानणो है कै आखै जगत मांय 7000 सूं बेसी बासावां बोलियां है, जिणां मांय सूं अेकलै अेसिया महाद्वीप मांय 2500 भासावां बोलियां है। संसार री भासावां रो अध्ययन करण आळी संस्था अेथनोलॉग (Ethnologue) मुजब
अतीत री इतिहास जातरा में मौजूदा राजस्थान आपरी न्यारी-न्यारी रियासतां रै नांव सूं ओळखीजतो रह्यो है। घणी दफै राज-सत्तावां री अदळा-बदळी, सींवां री घटत-बधत अर दूजा इतिहास कारणां सूं आं रियासतां रा सरूप बदळता रह्या। प्रदेस रो उतराधो हलको जठै जांगळ नांव