लोभ पर सोरठा

लालच किसी पदार्थ, विशेषतः

धन आदि प्राप्त करने की तीव्र इच्छा है जिसमें एक लोलुपता की भावना अंतर्निहित होती है। इस चयन में लालच विषय पर अभिव्यक्त कविताओं को शामिल किया गया है।

सोरठा4

धन पारेवां प्रीति

जिनहर्ष मुनि ‘जसराज’

सज्जन तो कारण सदा

जिनहर्ष मुनि ‘जसराज’

छिन में देसी छोड़

साह मोहनराज

अंतै जहर उगळैह

कानसिंह भाटी