लोभ पर दूहा

लालच किसी पदार्थ, विशेषतः

धन आदि प्राप्त करने की तीव्र इच्छा है जिसमें एक लोलुपता की भावना अंतर्निहित होती है। इस चयन में लालच विषय पर अभिव्यक्त कविताओं को शामिल किया गया है।

दूहा6

निसवासुरि ग्रासै जुरा

हरिदास निरंजनी

जिण वन भूल न जांवता

सूर्यमल्ल मीसण

दोहा : हालात

जयसिंह आशावत

पुरस्कार पुचकारियो

केसरी कान्त शर्मा

इक-डंकी गिण अेक री

सूर्यमल्ल मीसण