हूंस पर ग़ज़ल

हूंस, साहस वह मानसिक

बल या गुण है, जिसके द्वारा मनुष्य यथेष्ट ऊर्जा या साधन के अभाव में भी भारी कार्य कर बैठता है अथवा विपत्तियों या कठिनाइयों का मुक़ाबला करने में सक्षम होता है। इस चयन में साहस को विषय बनाती कविताओं को शामिल किया गया है।

ग़ज़ल15

दीवा फेर जगाणा पड़सी!

राजेंद्र स्वर्णकार

दर्द नै ओढ़णो सीख प्यारा

मुखराम माकड़ ‘माहिर’

जूण भलां खुसियां सूं भरलै

अब्दुल समद ‘राही’

दूसरी गंगा ल्याणी है

कुंदन सिंह 'सजल'

हिम्मत मत यूं हार

सीताराम महर्षि