वीर पर काव्य खंड

विकट परिस्थिति में भी

आगे बढ़कर अपने कर्तव्यों का पालन करने वाले व्यक्ति को वीर कहा जाता है और उसकी वीरता की प्रशंसा की जाती है। इस चयन में वीर और वीरता को विषय बनाती कविताओं को शामिल किया गया है।

काव्य खंड16

गींदोली-हरण

बादर ढाढ़ी

लक्ष्मण - मेघनाद जुद्ध वरणाव

प्रवीण बारहठ ‘सांगड़’

पन्ना जद तक जीवती

रामसिंघ सोलंकी

भीष्म पितामह जुद्ध वरणाव

प्रवीण बारहठ ‘सांगड़’

सूर उग्यो अध रात

रामसिंघ सोलंकी

पातळ पृथी प्रकाश

कमल सिंह सुल्ताना

कित चाल्यो अध रात !

रामसिंह सोलंकी

जुद्ध-वरणन

भांडउ व्यास

जुद्ध-वरणन

बीठू सूजा

राव रतन री वेलि

कल्याणदास मेहड़ू