नयणे मिलसै नैण, उर सुं उर मेलिस जसा।

सुख पामेस्यै सैण, आयां लेस्युं वारणा॥

स्रोत
  • पोथी : जिनहर्ष ग्रंथावली ,
  • सिरजक : जिनहर्ष मुनि 'जसराज' ,
  • संपादक : अगरचंद नाहटा ,
  • प्रकाशक : सादूल राजस्थानी रिसर्च इंस्टीट्यूट, बीकानेर ,
  • संस्करण : प्रथम
जुड़्योड़ा विसै