जन्म-जन्म को मैं दास तुमारो,
करुणाकर अब तार मुरारे।
जन्म-जन्म को मैं दास तुमारो।
भवसागर जलतरण कठिन है,
किसबिध जाऊं पार मुरारे।
जन्म-जन्म को मैं दास तुमारो।
तुम बिन और ना पालक मेरो,
वंचक सब परिवार मुरारे।
जन्म-जन्म को मैं दास तुमारो।
मैं गुणहीन दोष परिपूरण,
अपनी ओर निहार मुरारे।
जन्म-जन्म को मैं दास तुमारो।
ब्रह्मानन्द विलंब न कीजे
सुनिये मेरी पुकार मुरारे।
जन्म-जन्म को मैं दास तुमारो॥