ग़ज़ल15 आज म्हारो गांवडो बीमार क्यूं दीसै आफतां बीच अड़ग जीवूं हूं ऐ खिलाड़ी बावळा है गजल रै मांय लाय राखूंला देखो तो म्हारै देस में आवै समाजवाद
जेठानंद पंवार श्यामसुंदर भारती उषाकंवर राठौड़ भूपतिराम साकरिया स्वामी खुसाल नाथ शक्तिदान कविया रेवंत दान बारहठ लालदास 'राकेश'