ग़ज़ल7 अबलावां रो अपहरण, डाकुआं री आड़ में गेशू-गेशू, जुल्फां-जुल्फां न्यारी न्यारी सोच मिनख री मिली निजर तो म्हैं घबरायो सरकार का देखले मिजाज भायला
ताड़केश्वर शर्मा राणुसिंह राजपुरोहित विश्वनाथ शर्मा विमलेश छोटूराम मीणा ध्रुव कुमार सक्सेना प्रेम शेखावत पंछी फारूक़ आफरीदी मनोहरलाल गोयल