सबद7 अनहद की धुन प्यारी साधो जन्म-जन्म को मैं दास तुमारो जोग जुगत हम पाई रे देखले चतुर नर अब तो नजरभर पनिया भरन कैसे जावुं
हरीश सुवासिया निशा आर्य घनश्याम लाल रांकावत भंवर कसाना लक्ष्मणदान कविया मोहन पुरी कुलदीप सिंह इण्डाली गिरधारी सिंह राजावत