सबद13 अचरज देखा भारी साधो अनहद की धुन प्यारी साधो अेसा ज्ञान हमारा साधो गुरु बिन कौन मिटावै भवदुख देखले चतुर नर अब तो नजरभर
भैरूलाल गर्ग हरीश सुवासिया निशा आर्य घनश्याम लाल रांकावत भंवर कसाना लक्ष्मणदान कविया मोहन पुरी कुलदीप सिंह इण्डाली