सबद9 अचरज देखा भारी साधो अनहद की धुन प्यारी साधो गुरु बिन कौन मिटावै भवदुख जन्म-जन्म को मैं दास तुमारो देखले चतुर नर अब तो नजरभर
हरीश सुवासिया निशा आर्य घनश्याम लाल रांकावत भंवर कसाना लक्ष्मणदान कविया मोहन पुरी कुलदीप सिंह इण्डाली गिरधारी सिंह राजावत