कविता7 अब ऊ होग्यो छै मोट्यार अर खाक हो जाऊंगो म्हूं जद म्हूँ न्हँ रहैउँगो जद म्हूं न्हं रहैऊंगो म्हारा आंगणा रो नीमड़ो
रघुवीर प्रजापति मुकुट मणिराज किशन ‘प्रणय’ रशीद अहमद पहाड़ी सावित्री व्यास किशन लाल वर्मा राजेन्द्र सोलंकी गोरस प्रचण्ड