ग़ज़ल4 किण नै याद करूं बिसराऊं खरी-खरी कैवणिया खूटा पग-पग भूंडा हाल कबीरा समझ नी आवै अबै म्है कंई करूं
जेठानंद पंवार श्यामसुंदर भारती उषाकंवर राठौड़ भूपतिराम साकरिया स्वामी खुशाळनाथ ‘धीर’ शक्तिदान कविया रेवंत दान बारहठ लालदास 'राकेश'